Microsoft के 6,000 H-1B आवेदन, 80% पुराने कर्मचारियों के लिए
Microsoft ने अपने H-1B वीजा आवेदनों का बचाव करते हुए कहा कि अधिकांश आवेदन पहले से कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों की आव्रजन स्थिति से संबंधित थे। यह बयान PERM कार्यक्रम से निलंबन और अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों के रोजगार को लेकर बढ़ती निगरानी के बीच आया है।

नई दिल्ली: अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Microsoft ने अपने H-1B वीजा आवेदनों का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्त वर्ष में दाखिल किए गए लगभग 6,000 आवेदनों में से करीब 80 प्रतिशत पहले से कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों से संबंधित थे। कंपनी के मुताबिक, इन आवेदनों का उद्देश्य कर्मचारियों की मौजूदा आव्रजन स्थिति को बढ़ाना या उसमें बदलाव करना था, न कि नए लोगों की भर्ती करना।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने Microsoft को रोजगार आधारित स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया से जुड़े PERM कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद कंपनी की विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास के लिए प्रायोजित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
H-1B आवेदनों पर Microsoft ने क्या कहा?
Microsoft ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में बताया कि पिछले वित्त वर्ष में उसके करीब 6,000 H-1B आवेदन जमा किए गए थे। इनमें लगभग 80 प्रतिशत आवेदन मौजूदा कर्मचारियों की आव्रजन स्थिति को आगे बढ़ाने या बदलने के लिए थे।
कंपनी के अनुसार, शेष आवेदनों में ऐसे लोग शामिल थे, जो पहले से कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे थे और Microsoft में काम करने का निर्णय ले चुके थे। कंपनी ने कहा कि ये लोग हाल ही में अमेरिका आए नए कर्मचारी नहीं थे और इन आवेदनों की संख्या उसके अमेरिकी कार्यबल के एक प्रतिशत के बराबर थी।
Microsoft ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी प्रशासन को अपनी भर्ती और वीजा प्रक्रियाओं से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
PERM कार्यक्रम से निलंबन का क्या है मामला?
PERM यानी स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों के लिए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। इस प्रक्रिया में नियोक्ता को आमतौर पर यह प्रमाणित करना होता है कि संबंधित पद के लिए निर्धारित श्रम बाजार संबंधी आवश्यकताएं पूरी की गई हैं।
Microsoft को इस कार्यक्रम से निलंबित किए जाने की कार्रवाई के बाद कंपनी की स्थायी निवास प्रायोजन प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित हुआ है। हालांकि, कंपनी ने अपने बयान में निलंबन के विशिष्ट कानूनी आधार और प्रतिबंध की अवधि के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि इस कार्रवाई से Microsoft के कितने कर्मचारियों के मौजूदा या भविष्य के ग्रीन कार्ड आवेदनों पर असर पड़ सकता है।
H-1B कर्मचारियों के वेतन पर भी दी सफाई
Microsoft ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि कंपनियां अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन पर विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए H-1B वीजा का इस्तेमाल करती हैं।
कंपनी का कहना है कि वह इस वीजा श्रेणी के निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले पेशेवरों के लिए आवेदन करती है और समान काम करने वाले H-1B कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों के बराबर वेतन देती है।
Microsoft ने अपने बयान में कहा कि कंपनी की प्रगति के लिए मजबूत तकनीकी कार्यबल आवश्यक है। इसके लिए वह अमेरिका में मौजूद प्रतिभाओं को विकसित करने के साथ-साथ दुनिया भर से उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भी आकर्षित करती है।
अमेरिका में H-1B कार्यक्रम की बढ़ रही निगरानी
H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले पदों पर विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। तकनीक और सॉफ्टवेयर उद्योग में इस वीजा श्रेणी का व्यापक इस्तेमाल होता है।
ट्रंप प्रशासन ने रोजगार आधारित आव्रजन व्यवस्था के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया है। इसी व्यापक बहस के बीच Microsoft के वीजा आवेदनों और PERM कार्यक्रम से जुड़े मामले ने ध्यान आकर्षित किया है।
PERM प्रतिबंध से H-1B वीजा अपने आप रद्द नहीं होते
H-1B वीजा और PERM श्रम प्रमाणन दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। PERM कार्यक्रम से जुड़ी रोक का संबंध नियोक्ता की श्रम प्रमाणन प्रक्रिया इस्तेमाल करने की क्षमता से है। केवल इस रोक के आधार पर किसी कर्मचारी का मौजूदा H-1B वीजा अपने आप रद्द नहीं हो जाता और न ही इससे अपने आप अमेरिका छोड़ना अनिवार्य होता है।
हालांकि, प्रतिबंध का प्रभाव संबंधित कर्मचारी की व्यक्तिगत आव्रजन स्थिति, आवेदन के चरण और लागू नियमों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए प्रभावित कर्मचारियों के मामलों में आधिकारिक निर्देशों और व्यक्तिगत कानूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
Microsoft के बयान ने कंपनी की H-1B भर्ती प्रक्रिया को लेकर उसका पक्ष स्पष्ट किया है, लेकिन PERM निलंबन के प्रभाव और कानूनी आधार से जुड़ी कई बातें अभी अधिक जानकारी की मांग करती हैं।


